तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने
तेरे ही तो पाओं से चलना सीखा मैंने
मेरे मुंह मैं ज़ुबान कहां थी भाषा की पहचान कहां थी
तेरे ही तो चेहरे को देख कर पढ़ना सीखा मैंने
तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने
तेरी गोदी के जैसा खूबसूरत घर कहां है तेरी बाहों के
जैसा शहर कहां है तेरी ही तो उंगली पकड़ कर चलना सीखा मैंने
तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने
जाने कितनी बार साड़ी के छोर से मेरी आंख को सेका है तूने
मिट्टी में खेलते वक्त पैर में चुभे कांटे को निकाला है तूने
कभी लाला कभी बेटा कभी राजकुंवर कह कर पुकारा है तूने
तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने
तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने
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