Sunday, 10 May 2020

This mother's Day




तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने 

तेरे ही तो पाओं से चलना सीखा मैंने 

मेरे मुंह मैं ज़ुबान कहां थी भाषा की पहचान कहां थी

तेरे ही तो चेहरे को देख कर पढ़ना सीखा  मैंने 

तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने 

तेरी गोदी के जैसा खूबसूरत घर कहां है तेरी बाहों के 

जैसा शहर कहां है तेरी ही तो उंगली पकड़ कर चलना सीखा मैंने

तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने

जाने कितनी बार साड़ी के छोर से मेरी आंख को सेका है तूने 

मिट्टी में खेलते वक्त पैर में चुभे कांटे को निकाला है तूने

कभी लाला कभी बेटा कभी राजकुंवर कह कर पुकारा है तूने 

तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने


तेरी ही तो आंखों से पहली बार दुनियां को देखा मैंने



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