Wednesday, 26 May 2021

Corona pandemic

 



आज ये मेरे शहर को हुआ क्या
ये डर कैसा ये खौफ कैसा
ये गलियों की खूबसूरती किसने लूटली
ये असमा से चिड़ियों का चेहचाना किसने छीन लिया
आज वो नुक्कड़ भी सुना क्यों है जहां अक्सर
कुछ यार दोस्त चाय या सिगरेट भूंकने आ जाया करते थे
आज ये बारिश की बूंदों में सभी पेड़ इतने उदाश क्यों
आज ये मेरे देश की ज़मीन भीग भी रही है लेकिन इसमें
कोई नमी क्यों नहीं इसकी तपिश कम क्यों नहीं ।

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