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| happy friendship day |
मेरे दोस्त मेरे यार तूने क्या कुछ नहीं दिया।
कभी नाराज कभी आवाद कर दिया
मेरे दोस्त मेरे यार तूने क्या कुछ नहीं दिया।
कभी घर से बेघर हुआ तोह बसेरा तूने दिया।
वो रस्ते वो शामें आसान कहाँ थी
किसी डूबते सूरज को किनारा तूने दिया।
मेरे दोस्त मेरे यार तूने क्या कुछ नहीं दिया।
मेरे गुनाहों को तो सबने तोला है चाहे वो
बुरा बक्त हो या रही हो ज़िन्दगी
लेकिन गुनाहों से परे मुझको गले लगा तूने लिया
मेरे दोस्त मेरे यार तूने क्या कुछ नहीं दिया।
ज़िन्दगी मैं नकारे,निकम्मे,नालायक, के सिवा
कहाँ कुछ बना मैं,भाई तू ज़िन्दगी मैं कुछ न कुछ
तो कर ही लेगा आज ये कह कर मुझको काबिल
बना तूने दिया।
मेरे दोस्त मेरे यार तूने क्या कुछ नहीं दिया।
happy friendship day

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